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राजस्थान निजी सहायक संवर्ग महासंघ (RNSSM)

"एक नज़र"

प्रशासन में निजी सहायक की भूमिका

यह सर्व विदित है कि राज्य प्रशासन के कुशल संचालन में अधिकारियों के सहयोगी के रूप में उनके अधीन निजी सहायक संवर्ग की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, जिसका इस संवर्ग के कार्मिकों द्वारा दक्षतापूर्वक निर्वहन किया जाता रहा है। वर्तमान युग विज्ञान, तकनीक तथा इलेक्ट्रॉनिक्स का युग है, जिसमें कार्य सम्पादन के प्रत्येक क्षेत्र में गति (Speed of work disposal) का अत्यधिक महत्व है, परन्तु यदि मानव शक्ति द्वारा गति के साथ ही दक्षता व निष्ठापूर्वक प्रशासनिक कार्य सम्पादन की बात की जाये तो निजी सहायक की भूमिका अति महत्वपूर्ण व अपरिहार्य है अर्थात् सच्चे अर्थों में वह प्रशासन की धुरी है।

निजी सहायक संवर्ग का कार्मिक "निजी स्थापना"(Personal Staff) की श्रेणी में आता है, जिसका मूल आधार उसकी सत्यनिष्ठा (Integrity), वफादारी (Loyalty), शीघ्र व दक्षतापूर्वक कार्य सम्पादन, गोपनीयता (Secrecy)सुरक्षा (Security)कर्तव्यपरायणता (Sincerity) है, जिसकी पुष्टि निम्नांकित तथ्यों से होती है :-

  • असीमित कार्य एवं कर्तव्य।
  • कार्यालय व्यवस्था बनाये रखना।
  • आगन्तुकों से सद्व्यवहार, उनकी समस्या के समाधान में यथासम्भव सहयोग करना, दूरभाष पर नियन्त्रण, अधिकारी व अधीनस्थ कार्यालयों के मध्य समन्वय आदि।
  • अधिकारी से संबंधित रिकॉर्ड संधारण, श्रुति लेखन व पत्राचार, मीटिंग्स की डिक्टेशन लेकर उसकी मिनिट्स तैयार करना व अनुपालना सुनिश्चित करवाना आदि।

"संघर्ष के सफर में महासंघ का उदय"

महासंघ की पृष्ठभूमि व कार्य परिणाम

राजस्थान निजी सहायक संवर्ग महासंघ के गठन से पूर्व निजी सहायक संवर्ग के हितों की रक्षा तथा संवर्ग की मांगों को प्रशासन व सरकार तक पहुँचाने तथा पूर्ण करवाने के प्रयोजनार्थ विभिन्न संगठन प्रयासरत रहे। ये अलग बात है कि संवर्ग के अधिकतर संगठन जिला स्तर पर ही सक्रिय थे। सभी संगठनों के पदाधिकारियों ने अपनी क्षमता के अनुसार संवर्ग की मांगों को पूरा कराने का प्रयास किया, परन्तु आपसी एकजुटता, समन्वय तथा जागरूकता की कमी व सही दिशा में पहल नहीं कर पाने एवं अन्य विभिन्न कारणों से पूर्व संगठन लक्ष्य प्राप्ति में सफल नहीं हो पाये, जिसके कारण निजी सहायक संवर्ग के कार्मिक अन्य मंत्रालयिक कार्मिकों की तुलना में पदोन्नति में पिछड़ते ही चले गये, निजी सहायक संवर्ग के कार्मिक बिना एक भी पदोन्नति के सेवानिवृत्त होने की पीड़ा को सहन करते रहे।

अन्य सवर्गों के पदोन्नति के अवसरों में बढोतरी, पदनामव अन्य सुविधाओं की तुलना में निजी सहायक सवर्ग के कार्मिकों के पिछडने की पीडा को सवर्ग के दो साथी श्री विपिन गोयल, PHED सरदारशहर तथा श्री चन्द्रभान बैरवा, PWD, जयपुर ने समझा और संवर्ग हित में पहल करते हुए सवर्ग के सभी संघ/यूनियन/संगठनों के मध्य समन्वय बिठाने का प्रयास करते हुए इन सभी को एकत्रित कर एक मंच पर लाकर "संयुक्त संघर्ष समिति" का गठन किया गया। इसी समिति के बैनर पर राज्य सरकार का ध्यान खींचने के लिए 13 अप्रैल,2018 को ऐतिहासिक सफलता के रूप में निजी सहायक संवर्ग की प्रथम राज्य स्तरीय रैली का आयोजन जयपुर में किया गया, जिसमें राज्य के सभी जिलों के संवर्ग साथियों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर इस ऐतिहासिक रैली को सफल बनाया। इस सफल रैली के परिणामस्वरूप ही वर्ष 2018 में ही सरकार द्वारा राज्य कर्मचारियों की मांगों के निस्तारण बाबत मंत्रिमण्डलीय उप समिति का गठन किया गया। निजी सहायक संवर्ग का प्रतिनिधित्व करते हुए संवर्ग की ओर से संयुक्त संघर्ष समिति ने मंत्रिमंडलीय उपसमिति के साथ हुई मीटिंग में संवर्ग की मांगों को दमदार तरीके के रखा गया, जिसके परिणाम स्वरूप निजी सहायक सवर्ग को पदनाम परिवर्तन करने तथा पाँच पदौन्नति के अवसर प्रदान करने पर सहमति प्रदान की गई। उक्त मंत्रिमंडलीय समिति द्वारा वार्ता के लिए राज्य में सक्रिय विभिन्न सवर्गों के महासंघ/यूनियन/संगठनों को भी आमंत्रित किया गया था।

महासंघ का उदय

संयुक्त संघर्ष समिति के मजबूत स्तम्भ श्री विपिन गोयल एवं श्री चन्द्रभान बैरवा द्वारा "संयुक्त संघर्ष समिति" को समाप्त कर राजस्थान निजी सहायक संवर्ग महासंघ के गठन का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया। इस प्रस्ताव पर निर्णय लेने से पहले सोशल मीडिया पर संवर्ग के व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से एवं वीडियो कॉन्फ्रेंस पर कई महीनों तक चर्चा कर सभी का मत जाना। इसके बाद संवर्ग साथी श्री राम अवतार यादव, श्री महेश शर्मा, श्री नवीन पारीक, श्री एस.एन. शर्मा, श्री राजेश माथुर, श्री रजनीश शर्मा, श्री लोकेश सैनी, श्री कानाराम गुर्जर, श्री नवीन पारीक, श्री राजेन्द्र कुमावत, श्री दिनेश बिस्सा, श्री राजकुमार जटिया, श्री गिरीश जैन एवं अन्य जागरूक साथियों के साथ दिनांक 05 सितम्बर, 2020 को सीमित संख्या में (कोरोनाकाल के कारण) आम मीटिंग आयोजित की गई। इस मीटिंग में तत्कालीन पदाधिकारियों एवं संवर्ग साथियों की सर्वसम्मति से संयुक्त संघर्ष समिति के अस्तित्व को समायोजित करते हुए "राजस्थान निजी सहायक संवर्ग महासंघ" के प्रस्ताव पर मोहर लगाते हुए इसके गठन करने का निर्णय लिया गया।

नवगठित राजस्थान निजी सहायक संवर्ग महासंघ के प्रथम प्रदेशाध्यक्ष के रूप में श्री रमन पारीक, ग्रामीण विकास विभाग, को मनोनीत किया गया एवं श्री विपिन गोयल-वरिष्ठ उपाध्यक्ष, श्री महेश शर्मा-महासचिव, श्री कानाराम गुर्जर-कोषाध्यक्ष, श्री चन्द्रभान बैरवा को समन्वयक नियुक्त किया गया। नवीन कार्यकारिणी ने महासंघ को उद्योग विभाग से पंजीकृत करवाकर राष्ट्रीय बैंक में खाता खोला, महासंघ का पैनकार्ड भी बनवाया, प्रतिवर्ष ऑडिट करवाकर साथियों के अवलोकन के लिए साझा किया गया, कुल मिलाकर पूर्ण ईमानदारी और पारदर्शिता अपनायी गयी।

वर्तमान में महासंघ के द्वितीय प्रदेश अध्यक्ष श्री गिरीश जैन, सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग, जयपुर के कुशल नेतृत्व में राजस्थान निजी सहायक संवर्ग महासंघ की ओर से बहुत ही भव्य प्रदेश स्तरीय स्नेहमिलन समारोह "संगम 2025" का आयोजन किया गया। तैयारियों के लिए समय बहुत ही कम होने के बावजूद भी युवा महामंत्री श्री पृथ्वी सिंह राठौड़ के निर्देशन में पहली बार वरिष्ठ साथियों का अनुभव और युवा साथियों की ऊर्जा के अनूठे संगम ने इस समारोह को न केवल भव्य बनाया बल्कि सबने मिलकर एक नया इतिहास रच दिया।

इस समारोह में माननीय श्री प्रेम चन्द जी बैरवा, उपमुख्यमंत्री, राजस्थान सरकार द्वारा अध्यक्षता की गयी। बिड़ला ऑडिटोरियम, जयपुर में प्रथम बार आयोजित इतने वृहद और भव्य आयोजन में संवर्ग साथियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। वर्तमान में कैडर हित में हो रहे कार्यों/प्रयासों से कैडर का प्रत्येक साथी प्रसन्न है तथा महासंघ के साथ एकजुटता के साथ खड़ा है।

नवीन कार्यकारिणी ने "संघे शक्ति कलियुगे" की कहावत को चरितार्थ करते हुए पूर्व में विद्यमान संवर्ग के विभिन्न संगठनों को एकता के सूत्र में पिरोया, सभी वरिष्ठ एवं युवा साथियों को साथ लेकर चले, जिलों के दौरे किये, कैडर के प्रत्येक साथी से व्यक्तिगत संवाद स्थापित किया, सौहार्दपूर्ण वातावरण तैयार किया, महासंघ की प्रदेश स्तरीय प्रथम कार्यकारिणी में वरिष्ठ एवं अनुभवी साथियों को सम्मानजनक पद देते हुए युवाओं को भी संगठन में भागीदारी का मौका देकर न सिर्फ उचित तालमेल बिठाया बल्कि युवाओं की ऊर्जा का सदुपयोग किया, जिला स्तरीय कार्यकारिणी का गठन किया।

"राजस्थान निजी सहायक संवर्ग महासंघ" की स्थापना के बाद संवर्ग साथियों के लिये बहु उपयोगी वेबसाईट का निर्माण किया गया है, जिसमें शासन सचिवालय, राज्यपाल सचिवालय, विधानसभा, समस्त अधीनस्थ राजकीय विभाग, बोर्ड, निगम, न्यायालय आदि में कार्यरत निजी सहायक संवर्ग साथियों से संबंधित सम्पर्क सूत्र, सेवा सम्बन्धी विवरण तथा अन्य बहु उपयोगी जानकारी के साथ ही महासंघ के सतत् संघर्ष तथा संवर्ग की मांगों पर प्रथम बार मिली ऐतिहासिक सफलता आदि का भी समावेश किया गया है, जो महासंघ की प्रथम/वर्तमान कार्यकारिणी का ऐतिहासिक एवं सराहनीय प्रयास है। वेबसाईट बनने से कैडर से संबंधित समस्त जानकारी कैडर के साथियों को घर बैठे अपने मोबाईल पर ही जब चाहें तब उपलब्ध हो सकती है।

एक बार पुनः हम महासंघ के प्रदेश एवं जिला स्तरीय पदाधिकारियों तथा नवनियुक्त संवर्ग साथियों को हार्दिक बधाई देते हुए कैडर के उज्जवल भविष्य हेतु शुभकामनाएं प्रेषित करते हैं।

गिरीश जैन
प्रदेशाध्यक्ष
पृथ्वी सिंह राठौड
प्रदेश महामंत्री